शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010

क्या देगा, उससे दान.....

आज आपके लिए गुलशन मदन की एक गज़ल

भूगोल उसका पेट है, विज्ञान भूख है
मुफ़लिस से ब्रह्म ज्ञान की बातें न कीजिए

लड़ना है आपको तो लड़ें अमन के लिए
ये तीर और कमान की बातें न कीजिए

दौलत बशर के पास कभी है, कभी नहीं
दौलत की झूठी शान की बातें न कीजिए

खुद जी रहा जो दूसरों के हक़ को छीनकर
क्या देगा, उससे दान की बातें न कीजिए
......................


दोस्तों, जिस साहित्य सभा कैथल हरियाणा के प्रयास के फल-स्वरुप मैं आपसे मुखातिब होने का साहस जुटा पाया आज उसी साहित्य सभा कैथल ने ब्लॉग संसार में कदम रखा है और आपसे स्वागत की अपेक्षा रखता हूँ | अपने स्नेहिल वचनों से इस पौधे को जरुर अभिसिंचित करें | जरुर आइयेगा:-
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2 Comments:

Udan Tashtari said...

दौलत बशर के पास कभी है, कभी नहीं
दौलत की झूठी शान की बातें न कीजिए

-बहुत अलग तरह का.आनन्द आया पढ़कर.

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

भूगोल उसका पेट है, विज्ञान भूख है
मुफ़लिस से ब्रह्म ज्ञान की बातें न कीजिए


वाह्! कमाल की पंक्तियाँ....सच कहा भूखे को ज्ञान की नहीं रोटी की जरूरत हुआ करती है।

हिन्दी ब्लॉग टिप्सः तीन कॉलम वाली टेम्पलेट