रविवार, 16 मई 2010

दरकार

अगर आप
गलती से
वफादार और
ईमानदार हैं
तो इस दुनिया के लिए
बेकार हैं
नहीं आज
आप से लोगों की
दुनिया को दर
कार
आखिर
बेइमान मक्कारों की
हो चली
है कमी बड़ी भारी
इनके लिए की जाती हैं
रिक्तियां जारी
वैसे भी आज के दौर में
बहुधा
इक्यावन गधे पड़ते हैं
उन्नचास घोड़ों पर भारी॥

3 Comments:

Udan Tashtari said...

बेइमान मक्कारों की
हो चली

-सही कहा. इन्हीं का जमाना है.

आशीष/ ASHISH said...

Baujee achha likha hai!
Lekin 51 gadhon aur 49 ghodo ke beech mein aapne is khachar ka to nam-o-nishan hi mita diya...
ha ha ha
Badhai sweekar karein!

'उदय' said...

... बेहतरीन !!!

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