जिन्दगी में प्यार की
बसंत में बहार की
गीता के सार की
अपनी अहमियत है |
बागों में फूलों की
मेले में झूलों की
जीवन में उसूलों की
अपनी अहमियत है |
तरकश में तीर की
भोजन में खीर की
तरलों में नीर की
अपनी अहमियत है |
युद्ध में वीरों की
गणित में जीरो की
फ़िल्म में हीरो की
अपनी अहमियत है |
दिनों में इतवार की
दोस्ती में ऐतबार की
काव्य में अलंकार की
अपनी अहमियत है |
जेवरों में शाइन की
पार्टी में वाइन की
जंगल में लायन की
अपनी अहमियत है |
फूलों में गुलाब की
रातों में ख्वाब की
दफ्तर में साहब की
अपनी अहमियत है |
रसों में श्रृंगार का
आभूषणों में हार का
मुंह में लार की
अपनी अहमियत है |
त्योहारों में दीवाली की
शहरों में बरेली की
मकानों में हवेली की
अपनी अहमियत है |
मेरे लिए आपकी
हर पल साथ की
दिल की बात की
अपनी अहमियत है ||
मंगलवार, 15 जून 2010
अपनी अहमियत है
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर 8:55 pm 5 टिप्पणियाँ
शनिवार, 5 जून 2010
समस्या
उस दिन
अचानक
नेता जी ने
अपने सहयोगियों की
एक सभा बुलायी
उनके सामने
अपनी समस्या बतायी
वे बोले,
दोस्तो मेरे साथ
धोखा हुआ है
एक दलाल ने
भर्ती का
मेरा हिस्सा
मार लिया है
अब तुम ही बताओ
उसका
क्या हाल किया जाए
मार दिया जाए
कि छोड़ जाए।
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर 1:15 pm 4 टिप्पणियाँ
रविवार, 16 मई 2010
दरकार
अगर आप
गलती से
वफादार और ईमानदार हैं
तो इस दुनिया के लिए
बेकार हैं
नहीं आज
आप से लोगों की
दुनिया को दरकार
आखिर
बेइमान मक्कारों की
हो चली
है कमी बड़ी भारी
इनके लिए की जाती हैं
रिक्तियां जारी
वैसे भी आज के दौर में
बहुधा
इक्यावन गधे पड़ते हैं
उन्नचास घोड़ों पर भारी॥
गलती से
वफादार और ईमानदार हैं
तो इस दुनिया के लिए
बेकार हैं
नहीं आज
आप से लोगों की
दुनिया को दरकार
आखिर
बेइमान मक्कारों की
हो चली
है कमी बड़ी भारी
इनके लिए की जाती हैं
रिक्तियां जारी
वैसे भी आज के दौर में
बहुधा
इक्यावन गधे पड़ते हैं
उन्नचास घोड़ों पर भारी॥
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर 7:51 pm 3 टिप्पणियाँ
गुरुवार, 13 मई 2010
ब्लॉग संचार
हिन्दी ब्लॉग जगत के प्रचार और प्रसार के लिए हम सभी के द्वारा प्रयासों की आवश्यकता है। क्योंकि विश्व स्तर पर तथा ब्लॉग जगत में हिन्दी का स्थान अभी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। एतदर्थ हिन्दी ब्लॉग टिप्स के सुझाव के अनुसारएक ब्लॉग एग्रीगेटर बनाया है ‘‘ब्लॉग संचार’’। आपसे अनुरोध है कि अपने ब्लॉग को यहां शामिल करें और दूसरों से भी करवायें ।
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर 5:50 pm 3 टिप्पणियाँ
लेबल: अमन सन्देश, ब्लॉग संचार
सोमवार, 10 मई 2010
हो सकता है ऐसा भी
हालात आज के देख- देखकर
मुझको लगता है कभी-कभी
पूरी दुनिया बदल जाएगी
हो सकता है ऐसा भी
घी-दूध के सपने लेगा
इनको तरसेगा व्यक्ति
शायद बन जायें इंजेक्शन
हो सकता है ऐसा भी
जनता की लाचारी देखो
मुझको लगता है कभी-कभी
पूरी दुनिया बदल जाएगी
हो सकता है ऐसा भी
घी-दूध के सपने लेगा
इनको तरसेगा व्यक्ति
शायद बन जायें इंजेक्शन
हो सकता है ऐसा भी
जनता की लाचारी देखो
भूख मिटाने को बने गोलियां
हो सकता है ऐसा भी
गुरु शिष्य की परंपरा
हो बात ज़माने बीते की
एक मेज पर बैठ पीयेंगे
हो सकता है ऐसा भी
क्या होगा भविष्य प्रेम का
जब होगा कामुक हर प्रेमी
अवैध प्रेम न बन जाये
हो सकता है ऐसा भी
परिचय पत्र बनाने लगेंगे
जिनसे सिद्ध ईमानदारी होगी
उस पर भी मोल लिखा होगा
हो सकता है ऐसा भी
क्षमा चाहता हूँ आपसे
सुधर जाऊंगा मैं भी
पर क्या सुधरेगी दुनिया
हो सकता है ऐसा भी ||
हो सकता है ऐसा भी
गुरु शिष्य की परंपरा
हो बात ज़माने बीते की
एक मेज पर बैठ पीयेंगे
हो सकता है ऐसा भी
क्या होगा भविष्य प्रेम का
जब होगा कामुक हर प्रेमी
अवैध प्रेम न बन जाये
हो सकता है ऐसा भी
परिचय पत्र बनाने लगेंगे
जिनसे सिद्ध ईमानदारी होगी
उस पर भी मोल लिखा होगा
हो सकता है ऐसा भी
क्षमा चाहता हूँ आपसे
सुधर जाऊंगा मैं भी
पर क्या सुधरेगी दुनिया
हो सकता है ऐसा भी ||
प्रस्तुतकर्ता दिनेश शर्मा पर 7:54 pm 2 टिप्पणियाँ
लेबल: अमन सन्देश, हो सकता है ऐसा भी
Subscribe to:
संदेश (Atom)