रविवार, 16 मई 2010

दरकार

अगर आप
गलती से
वफादार और
ईमानदार हैं
तो इस दुनिया के लिए
बेकार हैं
नहीं आज
आप से लोगों की
दुनिया को दर
कार
आखिर
बेइमान मक्कारों की
हो चली
है कमी बड़ी भारी
इनके लिए की जाती हैं
रिक्तियां जारी
वैसे भी आज के दौर में
बहुधा
इक्यावन गधे पड़ते हैं
उन्नचास घोड़ों पर भारी॥

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