सोमवार, 10 मई 2010

हो सकता है ऐसा भी

हालात आज के देख- देखकर
मुझको लगता है कभी-कभी
पूरी दुनिया बदल जाएगी
हो सकता है ऐसा भी

घी-दूध के सपने लेगा
इनको तरसेगा व्यक्ति
शायद बन जायें इंजेक्शन
हो सकता है ऐसा भी

जनता की लाचारी देखो
भूख मिटाने को बने गोलियां
हो सकता है ऐसा भी

गुरु शिष्य की परंपरा
हो बात ज़माने बीते की
एक मेज पर बैठ पीयेंगे
हो सकता है ऐसा भी

क्या होगा भविष्य प्रेम का
जब होगा कामुक हर प्रेमी
अवैध प्रेम बन जाये
हो सकता है ऐसा भी

परिचय पत्र बनाने लगेंगे
जिनसे सिद्ध ईमानदारी होगी
उस पर भी मोल लिखा होगा
हो सकता है ऐसा भी

क्षमा चाहता हूँ आपसे
सुधर जाऊंगा मैं भी
पर क्या सुधरेगी दुनिया
हो सकता है ऐसा भी ||

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