उस दिन
अचानक
नेता जी ने
अपने सहयोगियों की
एक सभा बुलायी
उनके सामने
अपनी समस्या बतायी
वे बोले,
दोस्तो मेरे साथ
धोखा हुआ है
एक दलाल ने
भर्ती का
मेरा हिस्सा
मार लिया है
अब तुम ही बताओ
उसका
क्या हाल किया जाए
मार दिया जाए
कि छोड़ जाए।
महत्वाकांक्षा किसी की और भुगते कोई
14 घंटे पहले
4 Comments:
समस्या भी बड़ी गंभीर है नेता जी की... :):)
अच्छा व्यंग
Sundar, sahaj,pyara vyang...sahee hai ki baiman vyakti bhee imaandaar saathee chahtaa hai
आपसे और उम्मीदें हैं ....!!
आईये जानें .... क्या हम मन के गुलाम हैं!
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